
दिल्ली की इस सड़क का नाम केवल एक सामान्य पहचान नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भारत की कूटनीतिक सोच की गहरी कहानी छिपी है। यह नाम Non-Aligned Movement यानी गुटनिरपेक्ष आंदोलन से प्रेरित माना जाता है, जिसने शीत युद्ध के दौर में भारत सहित कई देशों को स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने का मंच दिया।
गुटनिरपेक्ष आंदोलन का उद्देश्य किसी भी महाशक्ति गुट का हिस्सा बने बिना वैश्विक शांति और सहयोग को बढ़ावा देना था। इसी विचारधारा की झलक दिल्ली की इस सड़क के नाम में देखने को मिलती है, जो भारत की कूटनीतिक विरासत को दर्शाती है।
इस कहानी को और दिलचस्प बनाता है Cyprus का कनेक्शन, जिसे गुटनिरपेक्ष देशों के बीच संतुलित संबंधों और समर्थन के उदाहरण के रूप में देखा जाता है। माना जाता है कि साइप्रस और भारत के बीच ऐतिहासिक रूप से मजबूत कूटनीतिक संबंध रहे हैं, जिसने इस नामकरण को और भी प्रतीकात्मक बना दिया।
आज भी यह सड़क न केवल दिल्ली के नक्शे का हिस्सा है, बल्कि भारत की उस विदेश नीति की याद दिलाती है जो स्वतंत्रता, संतुलन और वैश्विक सहयोग पर आधारित रही है।



