मोहिनी एकादशी व्रत पारण समय: कब खोलें व्रत और क्या न करें

Mohini Ekadashi व्रत का पारण (व्रत खोलना) अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि सही समय पर व्रत खोलने से ही इसका पूर्ण फल प्राप्त होता है। आमतौर पर एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि में शुभ मुहूर्त के अनुसार व्रत पारण किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार पारण हमेशा शुभ समय और शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार ही करना चाहिए। व्रत खोलते समय जल्दबाजी या गलत समय का चयन करने से व्रत का फल कम हो सकता है।
इस दिन व्रत खोलने से पहले भगवान विष्णु की पूजा करना और तुलसी दल युक्त भोजन ग्रहण करना शुभ माना जाता है। इससे व्रत की पूर्णता और अधिक फलदायी मानी जाती है।
इसके अलावा, Mohini Ekadashi के पारण में सबसे महत्वपूर्ण बात यह मानी जाती है कि व्रत खोलने से पहले जल और फलाहार का सेवन शांति और संयम के साथ किया जाए। जल्दबाजी में या बिना विधि के भोजन ग्रहण करना अशुभ माना जाता है।
शास्त्रों के अनुसार पारण का समय द्वादशी तिथि के भीतर ही करना चाहिए, क्योंकि इसके बाद व्रत का प्रभाव कम होने की मान्यता है। इसलिए पंचांग देखकर सही मुहूर्त में ही व्रत खोलना उचित माना जाता है।
कई भक्त इस दिन दान-पुण्य भी करते हैं, जैसे भोजन, वस्त्र या आवश्यक वस्तुओं का दान। इसे व्रत के पुण्य को बढ़ाने वाला माना जाता है और जीवन में सकारात्मकता लाने वाला उपाय बताया जाता है।



