रमा एकादशी 2025: किस दिन है व्रत? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह आने वाली एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी कहा जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि रमा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
रमा एकादशी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 में रमा एकादशी 19 अक्टूबर, रविवार के दिन मनाई जाएगी। एकादशी तिथि का आरंभ 18 अक्टूबर की शाम से होगा और इसका समापन 19 अक्टूबर की रात तक रहेगा। उदयातिथि के अनुसार रमा एकादशी का व्रत 19 अक्टूबर को ही रखा जाएगा। इस दिन प्रातःकाल स्नान कर भगवान विष्णु का पूजन करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
पूजा विधि और महत्व
रमा एकादशी के दिन व्रत रखने वाले जातक को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र को गंगाजल से शुद्ध कर पीत वस्त्र अर्पित करें। तुलसी पत्र, पीली मिठाई और धूप-दीप से पूजन करें। इस व्रत में केवल सात्त्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए और रातभर जागरण कर विष्णु भगवान का कीर्तन करना शुभ माना जाता है। अगले दिन द्वादशी तिथि पर व्रत का पारण कर भोजन और दान करने की परंपरा है।
धार्मिक मान्यता
मान्यता है कि रमा एकादशी व्रत से घर में लक्ष्मी का वास होता है। इस दिन व्रती को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। जो भक्त सच्चे मन से व्रत करता है, उसके जीवन में न केवल भौतिक सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं, बल्कि उसे आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है। इसलिए रमा एकादशी को विशेष रूप से मोक्षदायिनी एकादशी भी कहा जाता है।



