“ओलिंपियन मनु भाकर का नया सफर: रोहतक IIM में लेंगी एडमिशन, शादी पर पिता का बड़ा बयान”
भारत की युवा और सफल शूटर मनु भाकर अब खेल के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी नया कदम बढ़ाने जा रही हैं। ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकीं मनु भाकर ने अपने आगे के करियर के लिए रोहतक स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) में एडमिशन लेने का फैसला किया है। यह उनके जीवन का एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय होगा, जिसमें वे खेल के अनुभव के साथ मैनेजमेंट की पढ़ाई को जोड़ेंगी।
मनु भाकर ने कम उम्र में ही शूटिंग के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीते और ओलिंपिक में भी देश का नाम रोशन किया। अब शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखते हुए उन्होंने यह संदेश दिया है कि खिलाड़ी सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं।
मनु के पिता ने उनकी आगे की पढ़ाई के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनके करियर के लिए सही समय पर लिया गया निर्णय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शादी का फिलहाल कोई प्लान नहीं है और जब तक मनु 26 साल की नहीं हो जातीं, इस विषय पर कोई चर्चा नहीं होगी। पिता का मानना है कि अभी उनका पूरा ध्यान खेल और पढ़ाई पर होना चाहिए, ताकि वे अपने जीवन में और भी ऊंचाइयों को छू सकें।
रोहतक IIM में एडमिशन लेने के बाद मनु भाकर को मैनेजमेंट, लीडरशिप और बिजनेस स्ट्रेटेजी जैसे विषयों की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। यह न केवल उनके पर्सनल ग्रोथ के लिए उपयोगी होगा, बल्कि खेल प्रशासन और मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी उनके लिए नए अवसर खोलेगा।
मनु भाकर की यह नई पहल उनके फैंस और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह इस बात का उदाहरण है कि खेल और शिक्षा को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है। खेल जगत के कई दिग्गजों ने भी उनके इस निर्णय की सराहना की है और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
मनु भाकर का यह फैसला इस बात का प्रतीक है कि वह अपने करियर को सिर्फ एक दिशा तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। वह खेल में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ शिक्षा के जरिए अपनी क्षमताओं को और व्यापक बनाना चाहती हैं।
आने वाले समय में मनु भाकर का सफर खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में प्रेरणादायक बनेगा। उनके फैंस को उम्मीद है कि वह आगे भी अपने दमदार प्रदर्शन और मेहनत से देश का नाम रोशन करती रहेंगी और साथ ही शिक्षा में भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगी।



