ओलिंपिक 2028: पाकिस्तान-न्यूजीलैंड की क्रिकेट से बाहर होने की आशंका
क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर है – ओलिंपिक 2028 में क्रिकेट की 128 साल बाद वापसी होने जा रही है। हालांकि यह खबर खुशी की है, लेकिन इसके साथ ही एक चौंकाने वाली आशंका भी जुड़ी हुई है। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड जैसे दिग्गज क्रिकेट देशों के ओलिंपिक से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। इसका कारण है ICC द्वारा प्रस्तावित क्षेत्रीय योग्यता प्रणाली (Regional Qualification System), जो ओलिंपिक में टीमों के चयन के लिए अपनाई जाएगी।
ICC ने यह स्पष्ट किया है कि ओलिंपिक 2028 में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में केवल कुछ ही टीमों को शामिल किया जाएगा, और चयन प्रक्रिया क्षेत्रीय टूर्नामेंट्स पर आधारित होगी। ऐसे में केवल टॉप रैंकिंग की टीमें और क्षेत्रीय विजेता ही जगह बना पाएंगे। चूंकि क्रिकेट को ओलिंपिक में सीमित टीमों के साथ शामिल किया जाएगा (संभवत: 6–8), इसलिए कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते पाकिस्तान और न्यूजीलैंड जैसी टीमें खतरे में हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें सीधे क्वालीफाई करने की स्थिति में होंगी, लेकिन न्यूजीलैंड और पाकिस्तान को क्षेत्रीय क्वालिफायर से गुजरना होगा, जहां हार का मतलब ओलिंपिक का सपना टूटना होगा।
क्रिकेट के लिए यह वापसी ऐतिहासिक मानी जा रही है। पिछली बार क्रिकेट को ओलिंपिक में 1900 पेरिस ओलिंपिक में शामिल किया गया था, जिसमें सिर्फ दो टीमें (इंग्लैंड और फ्रांस) थीं। अब 128 साल बाद जब क्रिकेट फिर से ओलंपिक का हिस्सा बनेगा, तो इसके स्वरूप और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस योग्यता प्रणाली पर चिंता जताई है और ICC से इस पर पुनर्विचार की मांग की है। दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमियों में भी निराशा है कि खेल की सबसे बड़ी वैश्विक प्रतियोगिता में उनकी टीम शायद हिस्सा न ले पाए।
इसके अलावा, कुछ पूर्व खिलाड़ियों का भी कहना है कि अगर टॉप रैंकिंग और क्रिकेट इतिहास को नजरअंदाज कर दिया गया, तो यह खेल की भावना के खिलाफ होगा। कई लोगों ने सुझाव दिया है कि ICC को वाइल्ड कार्ड एंट्री या विशेष आमंत्रण जैसे विकल्प भी रखने चाहिए।
अब देखना यह है कि ICC इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या पाकिस्तान व न्यूजीलैंड को ओलिंपिक 2028 में खेलने का मौका मिलेगा या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि ओलिंपिक में क्रिकेट की वापसी जितनी रोमांचक है, उतनी ही चुनौतियों से भरी भी।



