यूपी के 223 छात्रावासों का होगा कायाकल्प, योगी सरकार ने दिए 12.45 करोड़

सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी। छात्रावासों में जरूरी मरम्मत के साथ-साथ दैनिक जीवन से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर किया जाएगा।
स्वीकृत बजट का इस्तेमाल पेयजल व्यवस्था, बिजली से जुड़े उपकरणों की मरम्मत, शौचालयों के सुधार, रंग-रोगन, सुरक्षा और साफ-सफाई जैसे कार्यों में किया जाएगा। इससे छात्रों को स्वच्छ, सुरक्षित और पढ़ाई के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
छात्रावासों को मिलने वाली धनराशि उनकी क्षमता के आधार पर तय की जाएगी। 50 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावास को अधिकतम पांच लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार मरम्मत और सुधार कार्य कराए जा सकेंगे।
सरकार का जोर केवल भवनों की मरम्मत तक सीमित नहीं है। छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को ऐसा माहौल देने की कोशिश है, जहां उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी न हो और वे अपनी पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकें।
समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने छात्रावासों को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए व्यवस्थाओं में सुधार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
223 छात्रावासों के लिए 12.45 करोड़ रुपये की स्वीकृति से प्रदेश में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं को मजबूत करने का रास्ता साफ हुआ है। बेहतर बुनियादी सुविधाओं से छात्रों को सुरक्षित और अध्ययन के लिए अनुकूल माहौल मिलने की उम्मीद है।



