विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में जुड़े 12 नए ट्रेड | सीएम योगी बोले- यूपी अब बीमारू राज्य नहीं

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता को सशक्त बनाना और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। इसी कड़ी में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को और व्यापक रूप देने के लिए इसमें 12 नए ट्रेड जोड़े गए हैं। इस पहल का मकसद पारंपरिक कारीगरों, छोटे उद्यमियों और स्वरोजगार की तलाश करने वाले युवाओं को नए अवसर प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की श्रेणी से बाहर निकल चुका है और आज यह विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। पहले जहां यूपी बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पिछड़ेपन से जूझता था, वहीं अब यहां की छवि निवेश, रोजगार और आत्मनिर्भरता के केंद्र के रूप में उभर रही है।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का मूल उद्देश्य उन लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, जो परंपरागत रूप से हस्तशिल्प, कारीगरी और विभिन्न छोटे उद्योगों से जुड़े रहे हैं। सरकार इन लोगों को मुफ्त प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है। अब इसमें 12 नए ट्रेड शामिल होने से युवाओं और कारीगरों को अपने हुनर को और विस्तार देने का अवसर मिलेगा।
इन नए ट्रेडों के जुड़ने से यह योजना और अधिक समावेशी बन जाएगी। सरकार का मानना है कि समय के साथ रोजगार के नए अवसर और आधुनिक व्यवसायिक आवश्यकताएं सामने आती रहती हैं, इसलिए योजनाओं को भी उसी अनुरूप अपडेट करना जरूरी है। इस दृष्टिकोण से यह कदम उत्तर प्रदेश को न केवल आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि यहां से बाहर जाने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या को भी कम करेगा।
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सिर्फ रोजगार देना ही नहीं है, बल्कि हर नागरिक को उद्यमी बनने की प्रेरणा देना है। आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को साकार करने के लिए आवश्यक है कि हर व्यक्ति अपने कौशल का सही उपयोग कर सके और उसके लिए उसे पर्याप्त साधन और प्रशिक्षण मिले।
योजना से लाभान्वित होने वाले लाभार्थियों ने भी खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि इस योजना से न केवल उन्हें रोजगार मिला है बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। अब लोग कर्ज लेने या पलायन करने की बजाय अपने ही राज्य में अपना व्यवसाय शुरू कर पा रहे हैं।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में 12 नए ट्रेड जुड़ना इस बात का सबूत है कि सरकार लगातार जनता की जरूरतों को समझकर कदम उठा रही है। इससे कारीगरों, बुनकरों, कुम्हारों, दर्जियों, लोहारों, और अन्य पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े लोगों को आधुनिक उपकरणों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा।
अंततः यह कहा जा सकता है कि इस पहल से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाई जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ की यह घोषणा दर्शाती है कि यूपी अब नए युग की ओर बढ़ रहा है, जहां बेरोजगारी और पिछड़ेपन की जगह कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है।



