मिशन शक्ति चरण 5 का शुभारंभ: सीएम योगी बोले- बेटियों की सुरक्षा से ही मिलेगी सफलता

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए चलाया जा रहा मिशन शक्ति अब अपने पांचवें चरण में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस नए चरण का शुभारंभ करते हुए स्पष्ट कहा कि मिशन शक्ति की वास्तविक सफलता तभी होगी, जब प्रदेश की हर बेटी और महिला खुद को सुरक्षित महसूस करेगी और समाज में सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकेगी। योगी सरकार का यह अभियान न सिर्फ सुरक्षा, बल्कि आत्मनिर्भरता, शिक्षा और जागरूकता को भी केंद्र में रखकर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं तक, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं के जीवन के हर क्षेत्र में आत्मविश्वास और सुरक्षा की गारंटी देना है। इसमें स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है।
पांचवें चरण में पुलिस विभाग, महिला कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। पुलिस बीट प्रणाली से लेकर महिला हेल्पलाइन 1090 और पिंक बूथ तक, हर स्तर पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है, क्योंकि बेटियों की सुरक्षा सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर सीएम योगी ने महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, महिला स्वावलंबन मिशन और महिला हेल्प डेस्क की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा और स्वावलंबन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आत्मरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से भी छात्राओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
मिशन शक्ति के पिछले चरणों में लाखों महिलाओं ने लाभ उठाया है। न केवल अपराधों में कमी आई है, बल्कि महिलाएं अब आत्मविश्वास के साथ कार्यस्थल और सार्वजनिक जीवन में अपनी भूमिका निभा रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि आने वाले समय में हर थाने और ब्लॉक स्तर पर मिशन शक्ति को और मजबूत किया जाएगा, ताकि एक सुरक्षित और सशक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण हो सके।
अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक हर बेटी खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस नहीं करेगी, तब तक मिशन शक्ति का लक्ष्य अधूरा रहेगा। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि बेटियों को सुरक्षा और सम्मान देने के इस अभियान में हर व्यक्ति अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे।



