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अमेरिका का 1.5 ट्रिलियन डॉलर का डिफेंस बजट, चीन से मुकाबले के लिए क्यों जरूरी मानते हैं पीट हेगसेथ?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वित्त वर्ष 2027 के लिए लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर के राष्ट्रीय रक्षा बजट का प्रस्ताव रखा है। यह रकम मौजूदा वित्त वर्ष के स्वीकृत रक्षा खर्च से काफी अधिक है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के विश्लेषण के अनुसार, प्रस्ताव में लगभग 1.15 ट्रिलियन डॉलर नियमित विवेकाधीन रक्षा खर्च और 350 अरब डॉलर अतिरिक्त अनिवार्य फंडिंग के रूप में शामिल हैं।

यह पूरी रकम अभी अंतिम रूप से स्वीकृत बजट नहीं है। अमेरिकी कांग्रेस प्रस्ताव पर चर्चा कर सकती है और इसमें बदलाव भी कर सकती है।

पीट हेगसेथ ने क्यों बताया जरूरी?

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 14 अक्टूबर को एसोसिएशन ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी (AUSA) की वार्षिक बैठक के दौरान कहा कि रक्षा बजट में इतनी बड़ी बढ़ोतरी अमेरिका की सैन्य क्षमता को नए सिरे से मजबूत करने के लिए जरूरी है। उन्होंने चीन की तेजी से आधुनिक होती सेना का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि स्वायत्त तकनीक, रोबोटिक्स और AI में पिछड़ने वाले देश भविष्य में और पीछे जा सकते हैं।

हेगसेथ के मुताबिक, अभी किए गए निवेश का असर केवल अगले कुछ वर्षों तक नहीं, बल्कि आने वाले दशकों तक अमेरिकी सैन्य क्षमता पर पड़ सकता है। उनका तर्क है कि अमेरिका को भविष्य के संघर्षों के लिए अभी से तैयारी करनी चाहिए।

चीन की सैन्य ताकत से अमेरिका को चुनौती

अमेरिका के रक्षा बजट में बढ़ोतरी की एक प्रमुख वजह चीन की सैन्य और तकनीकी प्रगति बताई जा रही है। चीन अपने सैन्य ढांचे में आधुनिक मिसाइलों, ड्रोन, अंतरिक्ष तकनीक और AI आधारित प्रणालियों को शामिल कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन क्षमताओं से भविष्य में प्रशांत क्षेत्र और अन्य रणनीतिक इलाकों में अमेरिकी सैन्य अभियानों के सामने नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि आधुनिक हथियारों और तकनीक में निवेश से सेना की क्षमता बढ़ेगी और संभावित विरोधियों को सैन्य कार्रवाई से रोकने की ताकत मजबूत होगी। हालांकि, बजट बढ़ने से अपने आप सैन्य बढ़त सुनिश्चित नहीं होती; इसका प्रभाव तकनीक के विकास, प्रशिक्षण, उत्पादन और प्रभावी इस्तेमाल पर भी निर्भर करेगा।

ड्रोन, रोबोटिक्स और AI पर होगा बड़ा निवेश

प्रस्तावित बजट में स्वायत्त युद्ध प्रणालियों और ड्रोन तकनीक को विशेष महत्व दिया गया है। हेगसेथ ने ‘प्रोजेक्ट एगिनकोर्ट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका को स्वायत्त और AI आधारित युद्ध क्षमताओं को तेजी से विकसित करना होगा। इस योजना में ड्रोन, रोबोटिक्स और अन्य स्वचालित सैन्य प्रणालियों को विकसित करने तथा उन्हें सेना के अलग-अलग अंगों में शामिल करने पर जोर है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा स्वायत्त युद्ध समूह (DAWG) के लिए वित्त वर्ष 2027 में लगभग 54.6 अरब डॉलर का अनुरोध किया गया है। इसका उद्देश्य स्वायत्त हथियारों के समन्वय, परीक्षण और सैन्य इस्तेमाल को आगे बढ़ाना है। इसके अलावा ड्रोन निर्माण क्षमता और ड्रोन विरोधी प्रणालियों पर भी निवेश प्रस्तावित है।

अंतरिक्ष और आधुनिक हथियारों पर भी फोकस

अमेरिकी रक्षा रणनीति में अंतरिक्ष आधारित निगरानी, AI, साइबर क्षमता और स्वायत्त प्रणालियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आधुनिक युद्ध में उपग्रहों से मिलने वाली जानकारी, तेजी से लक्ष्य पहचानने की तकनीक और बिना चालक वाले उपकरण सैन्य अभियानों को प्रभावित कर सकते हैं।

हेगसेथ और अन्य अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का तर्क है कि इन क्षेत्रों में समय पर निवेश करने से सेना की तैयारी और संचालन क्षमता बेहतर हो सकती है। प्रस्ताव में हथियारों की खरीद, गोला-बारूद, सैन्य उत्पादन क्षमता और उभरती तकनीकों को भी प्राथमिकता दी गई है।

क्या बजट को लेकर उठ रहे हैं सवाल?

रिकॉर्ड रक्षा बजट के प्रस्ताव को लेकर सभी विशेषज्ञ एकमत नहीं हैं। समर्थकों का कहना है कि चीन के साथ बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा और तेजी से बदलती युद्ध तकनीक के दौर में अतिरिक्त निवेश आवश्यक है। वहीं, कुछ नीति विशेषज्ञों ने सवाल उठाया है कि क्या इतनी बड़ी रकम खर्च करने से राष्ट्रीय सुरक्षा में उसी अनुपात में सुधार होगा और क्या प्रस्तावित खर्च का पर्याप्त रणनीतिक औचित्य है।

बड़े रक्षा बजट से सरकारी कर्ज, दूसरे सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध धन और सैन्य खरीद में जवाबदेही को लेकर भी बहस हो सकती है। इसलिए इस प्रस्ताव का वास्तविक प्रभाव केवल कुल रकम से नहीं, बल्कि खर्च के ब्योरे, प्राथमिकताओं और परिणामों से तय होगा।

अब कांग्रेस की मंजूरी का इंतजार

वित्त वर्ष 2027 का प्रस्ताव अमेरिकी बजट प्रक्रिया के तहत कांग्रेस के विचाराधीन है। सांसद इसकी अलग-अलग मदों की समीक्षा कर सकते हैं, राशि में संशोधन कर सकते हैं या कुछ प्रावधानों को अस्वीकार कर सकते हैं। इसलिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर को अभी अंतिम स्वीकृत खर्च के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह अमेरिका की सैन्य तैयारी, हथियारों की खरीद, ड्रोन उत्पादन और नई तकनीकों में निवेश को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है। साथ ही, इसके वित्तीय बोझ और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर बहस भी जारी रहने की संभावना है।

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