मालदीव के राष्ट्रपति की पाकिस्तान यात्रा, शहबाज शरीफ ने मोहम्मद मुइज्जू के सामने अलापा कश्मीर राग

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू 20 अक्टूबर से 22 अक्टूबर 2026 तक पाकिस्तान के राजकीय दौरे पर हैं। यह 11 वर्षों में किसी मालदीवी राष्ट्रपति की पहली पाकिस्तान यात्रा है। यह दौरा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुइज्जू ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को मजबूत करने और नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
शहबाज शरीफ ने मुइज्जू के सामने उठाया कश्मीर मुद्दा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मालदीव के राष्ट्रपति के साथ बातचीत के दौरान जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का रुख दोहराया। पाकिस्तान सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, शरीफ ने कहा कि इस विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने सिंधु जल संधि और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी पाकिस्तान का पक्ष रखा। यह बयान पाकिस्तान की आधिकारिक कूटनीतिक स्थिति को दर्शाता है; कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के रुख अलग-अलग हैं।
फिलिस्तीन का भी किया जिक्र
बैठक के दौरान शहबाज शरीफ ने फिलिस्तीन के मुद्दे का भी उल्लेख किया और इस विषय पर मालदीव के समर्थन की सराहना की। पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, दोनों देशों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के बयान में भी फिलिस्तीनी लोगों के प्रति एकजुटता और मध्य पूर्व में संवाद तथा तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन दर्ज किया गया।
पाकिस्तान और मालदीव के बीच 20 समझौते
राष्ट्रपति मुइज्जू की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने 20 समझौता ज्ञापनों और समझौतों का आदान-प्रदान किया। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, पर्यटन, नागरिक उड्डयन, कृषि, मत्स्य पालन, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, संस्कृति और युवा सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दोनों सरकारों ने इन समझौतों को लागू करने और उनसे वास्तविक लाभ हासिल करने पर जोर दिया।
दो साल में 200 मिलियन डॉलर व्यापार का लक्ष्य
शहबाज शरीफ ने घोषणा की कि पाकिस्तान और मालदीव अगले दो वर्षों में आपसी व्यापार को बढ़ाकर 200 मिलियन डॉलर तक ले जाने का प्रयास करेंगे। पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, मौजूदा व्यापार का मूल्य लगभग 13.4 मिलियन डॉलर है, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में यह करीब 13.9 मिलियन डॉलर बताया गया है। दोनों पक्षों ने निवेश, पर्यटन, खाद्य सुरक्षा, दवाइयों और निजी क्षेत्र की साझेदारी को बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
मालदीव ने SAARC को फिर सक्रिय करने पर दिया जोर
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) का मुद्दा भी क्षेत्रीय कूटनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, मुइज्जू ने संगठन की क्षमता का उल्लेख करते हुए सदस्य देशों के बीच विश्वास बहाल करने और सार्थक संवाद को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। SAARC का शिखर सम्मेलन 2014 के बाद से नहीं हुआ है। हालांकि, पाकिस्तान-मालदीव वार्ता के परिणामों को भारत सहित क्षेत्र के अन्य देशों की नीतियों और प्रतिक्रियाओं से अलग रखकर देखना जरूरी है।
भारत के लिए क्या है कूटनीतिक महत्व?
मालदीव हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिए पाकिस्तान के साथ उसके बढ़ते संपर्कों को दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय कूटनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इस यात्रा के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि मालदीव ने भारत के प्रति अपनी नीति में कोई औपचारिक बदलाव किया है। फिलहाल सार्वजनिक बयानों में दोनों देशों ने पाकिस्तान के साथ आर्थिक, शैक्षिक, रक्षा और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। यात्रा के दीर्घकालिक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेंगे कि घोषित समझौतों और व्यापार लक्ष्यों को किस हद तक लागू किया जाता है।



