विजयादशमी 2026: सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दी शुभकामनाएं

लखनऊ: विजयादशमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने दशहरे को असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताते हुए लोगों से सत्य, न्याय और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ का उल्लेख करते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी इस पर्व को नैतिकता, सत्य और न्याय के मूल्यों को मजबूत करने वाला बताया।
सीएम योगी ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की अपील की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश देता है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, न्याय, त्याग और लोककल्याण की प्रेरणा देता है।
सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि विजयादशमी लोगों को अहंकार और नकारात्मकता का त्याग कर सत्य, सदाचार तथा लोकमंगल के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने प्रभु श्रीराम से सभी के जीवन में सुख, शांति और मंगल की कामना की।
‘यतो धर्मस्ततो जयः’ का दिया संदेश
मुख्यमंत्री के संदेश में ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ अर्थात जहां धर्म है, वहां विजय है—के भाव को प्रमुखता दी गई। यह संदेश धर्म, सत्य और न्याय के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन-मूल्य लोगों को अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहने और समाज व राष्ट्र के हित में काम करने का मार्ग दिखाते हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सत्य और न्याय पर दिया जोर
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विजयादशमी की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से सत्य, न्याय, नैतिकता और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की अपील की।
राज्यपाल के अनुसार, यह त्योहार जीवन में सकारात्मकता और नई ऊर्जा का संचार करने के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
भाजपा नेताओं ने भी दीं शुभकामनाएं
विजयादशमी के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने भी लोगों को शुभकामनाएं दीं।
पंकज चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। वहीं, धर्मपाल सिंह ने इस पर्व को आत्ममंथन का अवसर बताते हुए अहंकार, द्वेष और नकारात्मकता को त्यागने तथा सामाजिक सद्भाव और समरसता मजबूत करने का आह्वान किया।
विजयादशमी का संदेश: सत्य, सदाचार और लोककल्याण
विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन से मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा, न्याय और त्याग की प्रेरणा ली जाती है।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल के संदेशों में भी इन्हीं मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया गया। नेताओं ने पर्व के माध्यम से लोगों से सकारात्मक सोच, नैतिक आचरण और समाज के कल्याण के लिए कार्य करने की अपील की।



