शिवा हत्याकांड: नेपाल से आगरा और नागपुर तक श्रद्धा दुबे की 11 दिन की फरारी

लखनऊ: कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे की 11 दिन की फरारी अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस के अनुसार, श्रद्धा अपनी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश के साथ लगातार जगह बदलती रही। जांच के दौरान नेपाल, लखनऊ और आगरा से जुड़े सुराग मिले, जबकि आखिरकार 20 अक्टूबर 2026 को तीनों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
इस दौरान छोटे होटलों में ठहरने, पहचान छिपाने और अलग-अलग माध्यमों से यात्रा करने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, फरारी के हर पड़ाव और मददगारों की भूमिका की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
9 अक्टूबर को शिवा शर्मा की मौत के बाद शुरू हुई तलाश
लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद 9 अक्टूबर को शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। उनकी मां की शिकायत पर पुलिस ने हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाने लगी। इसके बाद श्रद्धा और उसके साथियों की तलाश के लिए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर सुराग जुटाए।
रूपईडीहा सीमा से नेपाल पहुंचने की आशंका
जांच के मुताबिक, शिवा की मौत के बाद श्रद्धा अपनी बहन और ड्राइवर के साथ लखनऊ से निकली। बहराइच जिले के रूपईडीहा सीमा क्षेत्र में उनकी गाड़ी मिलने के बाद पुलिस को आशंका हुई कि तीनों नेपाल चले गए हैं।
नेपाल में श्रद्धा की मौजूदगी से संबंधित तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज सामने आने की खबरें भी आईं। पुलिस ने मोबाइल और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर उसकी तलाश की। रिपोर्टों के अनुसार, मोबाइल फोन कुछ समय के लिए चालू हुआ, लेकिन बाद में बंद हो गया।
नेपाल से लौटकर लखनऊ और आगरा तक पहुंचने के सुराग
पुलिस की तलाश के बीच श्रद्धा के उत्तर प्रदेश लौटने की जानकारी सामने आई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह लखनऊ पहुंची और कानूनी सलाह लेने के लिए वकीलों से भी मिली। इसके बाद उसके आगरा जाने की सूचना मिली।
आगरा के एक होटल में ठहरने और बुर्के में दिखाई देने से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की भी रिपोर्टें सामने आईं। बताया गया कि वह बड़े होटलों के बजाय छोटे ठिकानों पर रुक रही थी। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस ने उसकी आवाजाही की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
आगरा से नागपुर तक कैसे पहुंची पुलिस?
जांच में आगरा से जुड़े परिवहन और सीसीटीवी सुराग महत्वपूर्ण बताए गए। कुछ रिपोर्टों में किराये की टैक्सी तथा यात्रा के दौरान वाहन बदलने से संबंधित जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस को श्रद्धा और उसके साथियों के नागपुर पहुंचने का पता चला।
नागपुर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचना और तकनीकी सुरागों की मदद से उनकी तलाश की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने कई कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली और चिनचभुवन इलाके में एक अपार्टमेंट के किराये के फ्लैट तक पहुंची।
20 अक्टूबर को तीनों गिरफ्तार
यूपी एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश को 20 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों पर मामले में वांछित होने के चलते 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस का ध्यान अब इस बात पर है कि फरारी के दौरान तीनों किन लोगों के संपर्क में रहे, उनके ठहरने की व्यवस्था किसने की और यात्रा में किस-किस ने मदद की।
श्रद्धा ने वीडियो जारी कर खुद को बताया था निर्दोष
फरारी के दौरान श्रद्धा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा था। उसने शिवा की मौत को आत्महत्या बताया और खुद को निर्दोष कहा था। दूसरी ओर, शिवा के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।
इन दावों के बीच पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों और घटनाक्रम की जांच कर रही है। किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि का फैसला अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
फरारी के दौरान मददगारों की भूमिका की जांच
श्रद्धा की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां फरारी के पूरे रास्ते, ठहरने के स्थानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। नेपाल से भारत लौटने, आगरा में रुकने और नागपुर पहुंचने के दौरान इस्तेमाल किए गए साधनों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि 11 दिनों तक आरोपी किस तरह अलग-अलग स्थानों पर रहे और उन्हें किन लोगों से सहायता मिली। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।



