DNA बयान पर अखिलेश-ब्रजेश आमने-सामने
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों “DNA” को लेकर सियासी गर्मी चरम पर है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा पर निशाना साधते हुए ‘DNA’ शब्द का प्रयोग किया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
इस पोस्ट का जवाब देते हुए प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “हमारे डीएनए में राष्ट्रभक्ति है, और समाजवाद के नाम पर जातिवादी राजनीति करने वालों को यह बात कभी समझ नहीं आएगी।” उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जब तर्क खत्म हो जाते हैं तो नेता डीएनए जैसे मुद्दे उठाते हैं।
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इस विवाद ने यूपी में भाजपा और सपा के बीच पुरानी सियासी खाई को फिर उभार दिया है। जहां सपा समर्थक अखिलेश के बयान को “वैचारिक विरोध” बता रहे हैं, वहीं भाजपा इसे “व्यक्तिगत और अनर्गल हमला” कह रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2024 लोकसभा चुनाव के बाद और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत ऐसे बयानबाजी का मकसद वोटबैंक को प्रभावित करना है। यह बहस अब मीडिया और सोशल मीडिया दोनों पर छाई हुई है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह जुबानी जंग आगे किस दिशा में जाती है और जनता इसे किस नजरिए से देखती है। यूपी की राजनीति में “DNA” अब सिर्फ जैविक नहीं, बल्कि वैचारिक पहचान का प्रतीक बन गया है।



