उत्तर प्रदेश
UP में विकास शुल्क में बड़ा बदलाव: भू-उपयोग और लोकेशन के आधार पर तय होंगी दरें


उत्तर प्रदेश में विकास शुल्क (डेवलपमेंट चार्ज) को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे अब शुल्क की दरें एक समान नहीं रहेंगी। नई व्यवस्था के तहत भू-उपयोग (जैसे आवासीय, व्यावसायिक या औद्योगिक) और संबंधित लोकेशन के आधार पर विकास शुल्क तय किया जाएगा। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच शुल्क संरचना में अंतर देखने को मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरत और विकास स्तर के अनुसार शुल्क तय होने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव लंबे समय में संतुलित शहरी विकास और भूमि उपयोग प्रबंधन को मजबूत करेगा।