विकसित भारत-2047 के लिए नशा मुक्त युवा पर जोर

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को नशा मुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, जागरूक और नशा मुक्त युवा ही देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन सकते हैं।
राज्यपाल ने संबंधित विभागों, विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों, विशेषकर युवाओं, को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने और समाज के सभी वर्गों को इस अभियान से जोड़ने पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास पर भी नकारात्मक असर डालता है। इसलिए युवाओं को शिक्षा, खेल, कौशल विकास और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे से दूर रखने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए।
राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठियां, शपथ ग्रहण और परामर्श सत्र आयोजित किए जाएं। साथ ही, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, अभिभावकों और समाज के सामूहिक प्रयासों से नशा मुक्त युवा और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की जा सकती है।



