UP Weather Today: उत्तर प्रदेश में 25% कम बारिश, IMD ने बताई मानसून की सुस्ती की वजह

उत्तर प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में अपेक्षित बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है और खरीफ फसलों, विशेषकर धान की रोपाई पर इसका असर देखा जा रहा है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, कम बारिश की मुख्य वजह मानसून की सक्रियता में कमी और उत्तर प्रदेश के ऊपर पर्याप्त प्रभावी मौसम प्रणालियों का विकसित न होना है। मानसूनी ट्रफ के बार-बार अपनी सामान्य स्थिति से हटने और कम दबाव वाले तंत्रों (Low Pressure Systems) की सीमित सक्रियता के कारण प्रदेश में व्यापक वर्षा नहीं हो सकी।
मौसम विभाग का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में छिटपुट से मध्यम बारिश हुई, लेकिन पूरे प्रदेश में समान रूप से वर्षा नहीं होने के कारण कुल औसत बारिश सामान्य से कम रही। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वर्षा का वितरण भी असमान रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी से नए कम दबाव वाले क्षेत्र विकसित होते हैं और मानसून ट्रफ अनुकूल स्थिति में आती है, तो प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। इससे वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को नियमित मौसम बुलेटिन पर नजर रखने तथा स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है। साथ ही, जिन क्षेत्रों में बारिश कम हुई है, वहां जल संरक्षण और सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।



