राममंदिर तक RSS के गणवेशधारियों का भव्य पथ संचलन, 50 स्थानों पर पुष्प वर्षा

अयोध्या में राममंदिर निर्माण के बाद से लगातार श्रद्धालुओं और संगठनों द्वारा भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गणवेशधारियों ने राममंदिर तक भव्य पथ संचलन किया। यह यात्रा ऐतिहासिक और अनुशासित तरीके से संपन्न हुई। पथ संचलन के दौरान 50 से अधिक स्थानों पर श्रद्धालुओं और नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। पूरा माहौल “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।
पथ संचलन का उद्देश्य न केवल राममंदिर के प्रति आस्था और गौरव का प्रदर्शन करना था, बल्कि समाज में अनुशासन, एकता और भारतीय संस्कृति की जीवंतता को भी दर्शाना था। संघ के स्वयंसेवक परंपरागत गणवेश में सुसज्जित होकर पंक्तिबद्ध रूप से आगे बढ़े। विभिन्न स्थानों पर आमजन, व्यापारियों और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत कर यह संदेश दिया कि राममंदिर केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर भी है।
स्थानीय नागरिकों ने पथ संचलन को एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह दृश्य भारतीय परंपरा और समाज के सामूहिक उत्साह का सजीव उदाहरण है। पथ संचलन ने न केवल युवाओं को प्रेरणा दी बल्कि बच्चों और बुजुर्गों में भी राममंदिर के प्रति श्रद्धा और गर्व की भावना और प्रबल हो गई।
कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने रामलला के दर्शन कर मंदिर परिसर में एकत्र होकर राष्ट्र और समाज की सेवा का संकल्प लिया। अयोध्या की गलियां और चौक-चौराहे इस अवसर पर दीपों, फूलों और नारों से जगमगा उठे। यह भव्य आयोजन इस बात का प्रतीक है कि राममंदिर भारतीय संस्कृति, आस्था और एकता का केंद्र बन चुका है।



