गोरखनाथ मंदिर से निकली विजयदशमी यात्रा, CM योगी बुलेटप्रूफ गाड़ी में शामिल, रामलीला मैदान में होगा श्रीराम का राजतिलक

गोरखपुर का गोरखनाथ मंदिर हर वर्ष की तरह इस बार भी विजयदशमी के अवसर पर भव्य यात्रा का केंद्र बना। परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर से विजयदशमी यात्रा का शुभारंभ किया। खास बात यह रही कि इस बार मुख्यमंत्री योगी बुलेटप्रूफ गाड़ी में सवार होकर यात्रा में शामिल हुए। यात्रा का प्रारंभ मंदिर से हुआ और पूरे उत्सव के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल रहे। गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली यह विजयदशमी यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देती है।
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परंपरा के अनुसार संतों की अदालत लगाई। इस अदालत में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री से संवाद किया। यह परंपरा गोरखनाथ मंदिर की पहचान मानी जाती है, जिसमें धर्म और समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि विजयदशमी का पर्व अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है और हमें सदैव धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
यात्रा का सबसे आकर्षक पड़ाव रामलीला मैदान रहा, जहां परंपरा के अनुसार भगवान श्रीराम का राजतिलक किया गया। यह आयोजन गोरखपुर की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है। राजतिलक के दौरान पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस क्षण को ऐतिहासिक और भावनात्मक बताया।
इस बार की विजयदशमी यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था भी अभूतपूर्व रही। चूंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं संत परंपरा से जुड़े हैं और प्रदेश के मुखिया भी हैं, इसलिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों ने पूरे मार्ग पर नजर रखी।
गोरखनाथ मंदिर की यह विजयदशमी यात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक संदेश देने का भी माध्यम है। आस्था, भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक समन्वय का यह अद्भुत संगम हर साल हजारों लोगों को आकर्षित करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने इस बार के आयोजन को और भी खास बना दिया।



