
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की जा रही है, जिसमें हिमालयी क्षेत्र की पारंपरिक सोवा रिग्पा चिकित्सा प्रणाली और दक्षिण भारत की प्राचीन सिद्ध चिकित्सा पद्धति को एक साथ जोड़कर उपयोग में लाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य 2500 साल पुरानी इन चिकित्सा विधियों के माध्यम से जटिल और असाध्य रोगों के इलाज की संभावनाओं को बढ़ाना है।
Sowa Rigpa और Siddha medicine जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और समग्र उपचार दृष्टिकोण पर आधारित हैं। इन प्रणालियों को आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, ताकि मरीजों को वैकल्पिक और प्रभावी उपचार विकल्प मिल सकें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की एकीकृत चिकित्सा प्रणाली से विशेषकर पुरानी और जटिल बीमारियों के उपचार में नए रास्ते खुल सकते हैं। सरकार की यह पहल पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को सस्ता और सुलभ इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।



