
अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े दान राशि मामले के बीच भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने नकद राशि की गिनती व्यवस्था में बदलाव किया है। बैंक ने कैश काउंटिंग के लिए नई टीम तैनात की है और अब दो शिफ्ट में राशि की गिनती की जा रही है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य दान में प्राप्त नकद राशि की गिनती को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। टीमों की संख्या बढ़ाने से प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने और रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिलेगी।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से बड़ी मात्रा में दान दिया जाता है, जिसमें नकद राशि भी शामिल होती है। ऐसे में राशि की सुरक्षित गिनती, रिकॉर्डिंग और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस मामले में सामने आए आरोपों के बाद प्रशासन और संबंधित संस्थाएं दान प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं। नकदी की गिनती और हिसाब-किताब की प्रक्रिया में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है और विभिन्न संस्थानों के लिए बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराता है।
नई दो शिफ्ट व्यवस्था लागू होने के बाद दान राशि की गिनती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।



