दीवाली से पहले सभी जिलों में लगेगी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट प्रदर्शनी, CM योगी का बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राज्य के कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं लागू कर रहे हैं। इन्हीं योजनाओं में सबसे सफल और चर्चित योजना है ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)’। इस योजना के माध्यम से हर जिले के पारंपरिक और विशेष उत्पाद को न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा रही है। इसी कड़ी में सीएम योगी ने बड़ा ऐलान किया है कि दीवाली से पहले पूरे प्रदेश के सभी जिलों में ODOP प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
सीएम योगी ने आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश के हुनर को सही मंच मिले और यहां के शिल्पकार व कारीगर आत्मनिर्भर बन सकें। प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, जरी-जरदोजी, बनारसी साड़ी, फिरोजाबाद का ग्लासवर्क, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, भदोही के कालीन, अलीगढ़ के ताले और लखनऊ की चिकनकारी जैसे दर्जनों उत्पाद अपनी विशेष पहचान बनाएंगे।
दीवाली के अवसर पर लोग उपहार खरीदने और घर सजाने के लिए पारंपरिक सामानों की तलाश करते हैं। ऐसे समय में ODOP प्रदर्शनी कारीगरों को सीधा ग्राहक से जोड़ने का काम करेगी। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। योगी सरकार का मानना है कि इस तरह के आयोजन न सिर्फ प्रदेश की संस्कृति और परंपरा को मजबूत करते हैं बल्कि “लोकल से ग्लोबल” के लक्ष्य को भी पूरा करते हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रदर्शनी में आने वाले लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था, ऑनलाइन ऑर्डर की सुविधा और युवाओं के लिए स्टार्टअप काउंटर भी लगाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि ODOP योजना से जुड़े उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ावा दिया जाए ताकि उत्तर प्रदेश की कला और शिल्प को वैश्विक बाजार मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रदर्शनी न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बेहद अहम है। गांव-गांव के कारीगरों को बड़ा मंच मिलेगा और उनकी पीढ़ियों से जुड़ी कला को नया जीवन मिलेगा। सरकार का यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।
सीएम योगी ने कहा कि “ODOP सिर्फ एक योजना नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। हमारे कारीगरों का हुनर किसी से कम नहीं है, जरूरत है तो केवल उसे सही पहचान और बाजार दिलाने की। प्रदर्शनी इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है।”
कुल मिलाकर, दीवाली से पहले होने वाली यह प्रदर्शनी न सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए शानदार शॉपिंग का अवसर होगी बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और पहचान को नई ऊंचाइयां देने का काम करेगी। योगी सरकार का यह कदम निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश को “भारत का ग्रोथ इंजन” बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।



