रामपुर बना सुशासन मॉडल: जनशिकायत निस्तारण में यूपी में पहले स्थान पर
उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सुधारों के तहत रामपुर जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जनशिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण में जिले ने राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है, जिसे सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई, जिससे आम जनता को राहत मिली है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुशासन नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम बताई जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग और नियमित समीक्षा प्रणाली के कारण शिकायतों का तेजी से निस्तारण संभव हो पाया है। इस प्रदर्शन से अन्य जिलों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित हुआ है, जिससे पूरे प्रदेश में प्रशासनिक सुधार को गति मिलने की उम्मीद है।
रामपुर की इस उपलब्धि ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर एक सकारात्मक मुहर लगाई है। लगातार मॉनिटरिंग, फील्ड स्तर पर सक्रियता और अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने से शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पहले से अधिक प्रभावी हुई है।
प्रशासन ने जनता की समस्याओं को समय पर सुनने और उनका निस्तारण करने के लिए विभिन्न ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों को मजबूत किया है। इससे लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और पारदर्शिता भी बढ़ी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह अन्य जिलों में भी शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया जाए, तो पूरे प्रदेश में सुशासन का स्तर और बेहतर हो सकता है। रामपुर का यह मॉडल आने वाले समय में एक रोल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।



