UP News: कोलकाता हादसे के बाद दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा कड़ी, CM योगी के निर्देश

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और आपात स्थिति से निपटने के पर्याप्त इंतजाम हों।
सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के पुलिस कमिश्नरों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को केवल कागजी समीक्षा तक सीमित रहने के बजाय मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की जांच करनी होगी। निर्देशों का उद्देश्य पूजा पंडालों में सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान कर समय रहते उन्हें दूर करना है।
अग्नि सुरक्षा और बिजली कनेक्शन की होगी जांच
पूजा पंडालों में आग लगने और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए अग्नि सुरक्षा इंतजामों की जांच पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों को बिजली के कनेक्शन, वायरिंग और अन्य विद्युत व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने को कहा गया है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
प्रवेश-निकास और इमरजेंसी गेट पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने पंडालों के प्रवेश और निकास द्वारों की जांच करने के भी निर्देश दिए हैं। आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट होना जरूरी है। भीड़ के दबाव को देखते हुए रास्तों में अवरोध नहीं होने चाहिए और लोगों की आवाजाही के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
फील्ड में रहकर निगरानी करेंगे अधिकारी
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे फील्ड में मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी करें। पुलिस और प्रशासन को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई भी हो सकती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में अग्नि सुरक्षा, बिजली व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षित निकास की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकार के निर्देशों के तहत जिला प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी होगी कि पूजा आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए और श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में दर्शन कर सकें।



