धनतेरस पर लखनऊ के बर्तन बाजार में रौनक, पीतल-तांबे के दाम 45% बढ़े

धनतेरस के पर्व को लेकर राजधानी लखनऊ के बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। खासकर आलमबाग का बर्तन बाजार ग्राहकों से गुलजार है। धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा के चलते लोग अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। बाजार में पीतल, तांबे, स्टील और अन्य धातुओं से बने बर्तनों की आकर्षक रेंज उपलब्ध है। दुकानदारों ने भी त्योहार को देखते हुए अपनी दुकानों को अलग-अलग डिजाइन और वैरायटी के बर्तनों से सजाया है।
पीतल और तांबे के बर्तनों की कीमतों में बढ़ोतरी
इस बार धनतेरस पर खरीदारी करने वालों को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। पीतल और तांबे के बर्तनों के दाम में पिछले साल की तुलना में 45 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कीमतों में इजाफे के कारण ग्राहकों को खरीदारी से पहले अपने बजट का हिसाब लगाना पड़ रहा है। इसके बावजूद पारंपरिक धातुओं से बने बर्तनों की मांग बनी हुई है।
आलमबाग बाजार में ग्राहकों की भीड़
धनतेरस के नजदीक आते ही आलमबाग के बर्तन बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है। लोग पूजा-पाठ के लिए लोटा, थाली, कटोरी, दीपक और अन्य बर्तन खरीद रहे हैं। इसके अलावा रसोई में इस्तेमाल होने वाले बड़े और छोटे बर्तनों की भी मांग है। दुकानदारों को उम्मीद है कि त्योहार के दिन बाजार में खरीदारी और तेज होगी।
स्टील के बर्तनों की भी हो रही खरीदारी
पीतल और तांबे के बर्तनों के दाम बढ़ने के कारण कुछ ग्राहक स्टील के बर्तनों को भी विकल्प के रूप में देख रहे हैं। स्टील के बर्तनों में अलग-अलग डिजाइन, आकार और कीमतों के विकल्प उपलब्ध हैं। ऐसे में ग्राहक अपनी जरूरत और आर्थिक क्षमता के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं।
धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा
हिंदू मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन नई वस्तुएं और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन बाजारों में बर्तनों की विशेष मांग रहती है। लोग घरों के लिए उपयोगी सामान खरीदने के साथ पूजा में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को भी प्राथमिकता देते हैं। इस बार कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद लखनऊ के आलमबाग बाजार में त्योहार की रौनक बनी हुई है।



