अंकिता भंडारी केस: दिल्ली प्रदर्शन की सूचना न देने पर LIU इंस्पेक्टर निलंबित

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ताजा घटनाक्रम में दिल्ली में पीड़ित परिवार के प्रदर्शन की सूचना समय पर नहीं मिलने पर पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) के एक इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर यह कार्रवाई सूचना संकलन और समय पर अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाने में कथित चूक को लेकर की गई है।
दिल्ली के इंडिया गेट पर माता-पिता ने किया था प्रदर्शन
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने 14 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के इंडिया गेट के पास धरना-प्रदर्शन किया था। परिवार की मांग थी कि मामले में कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति रोक दी जाए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कुछ नेता और अन्य लोग भी उनके समर्थन में मौजूद थे।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
प्रदर्शन के बाद 15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और कई अन्य प्रदर्शनकारियों को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया। बाद में अंकिता के माता-पिता को छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।
सूचना तंत्र की भूमिका पर उठे सवाल
LIU का काम स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं जुटाना और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में अंकिता के माता-पिता के प्रदर्शन की जानकारी समय पर नहीं मिलने के कारण इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की गई। हालांकि, निलंबन से जुड़े विस्तृत विभागीय आदेश और चूक के सभी पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों से की जानी चाहिए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला फिर चर्चा में
19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हत्या कर दी गई थी। वह ऋषिकेश के पास एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। इस मामले में तीन आरोपितों को मई 2025 में अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद भी कथित वीआईपी एंगल की जांच की मांग को लेकर परिवार और विभिन्न संगठनों की ओर से आवाज उठाई जाती रही है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
LIU इंस्पेक्टर के निलंबन के बाद अब विभागीय जांच और कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार है। इस मामले में प्रदर्शन की सूचना कब और किस स्तर पर उपलब्ध थी, इसकी स्पष्टता आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आएगी।



