उत्तराखंड में 57 वन आरक्षी बने जंगल के नए प्रहरी, गौरव कुमार को स्वर्ण पदक

उत्तराखंड के जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 57 नए वन आरक्षियों ने प्रशिक्षण पूरा कर अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। ये नए वन प्रहरी अब राज्य के वन क्षेत्रों में तैनात होकर वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रशिक्षण समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया, जिसमें गौरव कुमार ने स्वर्ण पदक हासिल किया।
वन आरक्षियों को जंगलों की निगरानी, वन्यजीवों की सुरक्षा, आग की घटनाओं से निपटने, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और वन कानूनों के पालन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया गया है। उत्तराखंड जैसे वन बहुल राज्य में वन कर्मियों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में संरक्षित वन क्षेत्र और जैव विविधता मौजूद है।
नए वन आरक्षियों की नियुक्ति से वन विभाग की मैदानी क्षमता बढ़ेगी और जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अधिकारियों ने कहा कि वन संरक्षण केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। नए वन प्रहरी आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण के साथ राज्य की प्राकृतिक धरोहर की रक्षा में योगदान देंगे।



