उत्तराखंड में पहली बार होगी गुलदारों की गणना, SOP जारी

बाघों की गणना के बाद अब उत्तराखंड में पहली बार गुलदार (तेंदुआ) की राज्यव्यापी गणना कराई जाएगी। वन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी अभियान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है और सभी वन प्रभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य राज्य में गुलदारों की वास्तविक संख्या, उनके आवास, गतिविधियों और मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों का सटीक आकलन करना है। अभियान में आधुनिक तकनीकों जैसे कैमरा ट्रैप, जीपीएस मैपिंग और वैज्ञानिक डेटा विश्लेषण का उपयोग किया जाएगा।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की वन्यजीव संरक्षण नीतियों और मानव-गुलदार संघर्ष को कम करने की रणनीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में गुलदारों की गतिविधियां और मानव बस्तियों के पास उनकी मौजूदगी बढ़ी है। ऐसे में यह सर्वेक्षण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से होने वाली यह पहली राज्यव्यापी गणना उत्तराखंड में वन्यजीव प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



