रात 3 बजे भी मरीजों की सेवा में पहुंचते थे डॉ. नवीन, पिंडर घाटी ने खोया अपना मसीहा

चमोली जिले की पिंडर घाटी ने अपने एक समर्पित और लोकप्रिय चिकित्सक डॉ. नवीन को खो दिया है। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। डॉ. नवीन अपनी सेवा भावना और मरीजों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन हो या रात, यदि किसी मरीज को जरूरत होती थी तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के मदद के लिए पहुंच जाते थे। रात के तीन बजे भी मरीजों के इलाज के लिए घर से निकल पड़ना उनकी पहचान बन चुका था।
दूरदराज और दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन डॉ. नवीन ने इसे अपना कर्तव्य मानते हुए वर्षों तक हजारों मरीजों का उपचार किया। उनकी सादगी, विनम्र व्यवहार और निस्वार्थ सेवा ने उन्हें लोगों के बीच विशेष सम्मान दिलाया। उनके निधन से केवल एक चिकित्सक ही नहीं, बल्कि समाज ने एक ऐसे सेवाभावी व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसने मानवता की सेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया। क्षेत्र के लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी और उनकी सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।



