उत्तराखंड में SIR पर स्थिति साफ, सर्विस वोटरों का नहीं होगा री-वेरिफिकेशन: मुख्य निर्वाचन अधिकारी

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने कहा है कि सर्विस वोटरों को इस प्रक्रिया के तहत दोबारा सत्यापन (री-वेरिफिकेशन) कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार सर्विस वोटर पहले से निर्धारित विशेष प्रावधानों के अंतर्गत पंजीकृत होते हैं और उनकी जानकारी नियमित चुनावी प्रक्रियाओं के माध्यम से अद्यतन की जाती है। इसलिए उन्हें सामान्य मतदाताओं की तरह पुनः सत्यापन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
हाल के दिनों में SIR को लेकर विभिन्न स्तरों पर कई तरह की चर्चाएं और भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। इसी को देखते हुए निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया कि सर्विस वोटरों के अधिकार और मतदान संबंधी व्यवस्थाएं पूर्ववत जारी रहेंगी।
सर्विस वोटरों में सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और अन्य पात्र सरकारी सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी शामिल होते हैं, जो विशेष चुनावी प्रावधानों के तहत अपने मताधिकार का उपयोग करते हैं। निर्वाचन आयोग इनके लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित करता है।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन इसमें लागू नियमों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के मतदाताओं के लिए अलग-अलग प्रावधान हैं।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से ही प्राप्त करें। विभाग का उद्देश्य पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है ताकि चुनावी प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन सके।



