उत्तराखंड बना पहला राज्य, अब डाक के जरिए मरीजों को घर बैठे मिलेगी मुफ्त दवा

उत्तराखंड स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई पहल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जहां पात्र मरीजों को डाक विभाग के माध्यम से मुफ्त दवाएं घर तक पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों तक समय पर आवश्यक दवाएं पहुंचाना है, ताकि उन्हें बार-बार अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस पहल के तहत चिकित्सकों द्वारा निर्धारित दवाओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पैक कर डाक विभाग के माध्यम से मरीजों के पते पर भेजा जाएगा। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, मरीजों का समय और खर्च बचेगा तथा सरकारी अस्पतालों पर अनावश्यक भीड़ भी कम होगी। इसके साथ ही दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग और डाक विभाग के समन्वय से शुरू की गई यह पहल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी यह एक उदाहरण बन सकता है।



