धर्म-आस्थावायरल न्‍यूज

शादी का वैदिक मुहूर्त: दिन या रात के फेरे

शादी का वैदिक मुहूर्त हमेशा शुभ और फलदायी माना जाता है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार विवाह के लिए ग्रहों और नक्षत्रों का सही संयोजन बहुत जरूरी है। यही कारण है कि हर क्षेत्र में फेरे का समय अलग होता है।

दक्षिण भारत में ज्यादातर दिन में फेरे लिए जाते हैं। इसका मुख्य कारण है कि यहाँ के ज्योतिषीय परंपरा में सूर्य के समय और शुभ नक्षत्र को आधार माना जाता है। दिन में फेरे लेने से सुख, समृद्धि और बच्चों में बुद्धि की वृद्धि होती है।

वहीं उत्तर भारत में कई जगहों पर रात में फेरे करना प्रचलित है। इसका कारण है यहाँ की परंपरा में चंद्रमा और नक्षत्रों का महत्व अधिक माना जाता है। रात में विवाह करने से दंपति के जीवन में मानसिक शांति और पारिवारिक सुख बढ़ता है।

वैदिक शास्त्र में फेरे की संख्या, दिशा और समय का भी महत्व है। पूर्व दिशा की ओर पहला फेरा लेना सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा शुभ मुहूर्त के अनुसार ग्रह स्थिति और नक्षत्र का मिलान करना जरूरी है।

इस प्रकार, चाहे दिन हो या रात, सही वैदिक मुहूर्त और ग्रह स्थिति पर ध्यान देकर ही फेरे करने से विवाह जीवन सुखी और समृद्ध बनता है। परंपरा और ज्योतिष दोनों का सही मेल ही असली वैदिक विवाह का आधार है।

Zee NewsTimes

Founded in 2018, Zee News Times has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button