भारत के फैसले से नेपाल के 60,000 श्रमिकों पर संकट, बालेन शाह सरकार की बढ़ी चिंता

भारत के हालिया फैसले का असर नेपाल के श्रमिक वर्ग पर पड़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 60,000 नेपाली कामगारों की नौकरियां प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे नेपाल में रोजगार और आर्थिक स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इस मुद्दे को लेकर नेपाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। कई नेताओं ने आशंका जताई है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो हजारों परिवारों की आय प्रभावित हो सकती है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर संभावित समाधान तलाशने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
नेपाल के लोकप्रिय नेता Balen Shah और अन्य राजनीतिक हस्तियां भी इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और Nepal के बीच आर्थिक और श्रम संबंधों का प्रभाव दोनों देशों के लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाता है तो श्रमिकों की नौकरियों पर मंडरा रहा संकट टल सकता है। फिलहाल प्रभावित कामगारों और उनके परिवारों में भविष्य को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।



