Jaishankar Mongolia Visit: यूरेनियम, सोना और तांबे के भंडार से भारत को मिल सकती है बड़ी ताकत

भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar दो दिवसीय दौरे पर Mongolia पहुंचे हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया भर में यूरेनियम, तांबा, दुर्लभ खनिजों और ऊर्जा संसाधनों को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। मंगोलिया को यूरेनियम, सोना, तांबा और कोयले जैसे प्राकृतिक संसाधनों के विशाल भंडार के लिए जाना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के लिए यूरेनियम जैसे संसाधनों की अहम भूमिका है। इसके अलावा तांबा इलेक्ट्रिक वाहनों, बिजली ढांचे और आधुनिक उद्योगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण धातु माना जाता है। ऐसे में मंगोलिया के साथ सहयोग भारत की दीर्घकालिक संसाधन सुरक्षा को मजबूत कर सकता है।
भारत और मंगोलिया के संबंध पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचे हैं। दोनों देश खनन, ऊर्जा, रक्षा, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि खनिज और ऊर्जा क्षेत्र में ठोस समझौते होते हैं, तो मंगोलिया भारत के लिए महत्वपूर्ण संसाधन साझेदार बन सकता है। इससे न केवल कच्चे माल की आपूर्ति मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की स्थिति भी और सशक्त हो सकती है।



