
पेरू की वरिष्ठ नेता Keiko Fujimori देश की पहली निर्वाचित महिला राष्ट्रपति बनने की दहलीज पर हैं। राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाई है और आधिकारिक घोषणा के बाद 28 जुलाई को पदभार संभालने की उम्मीद है। यह उनकी चौथी राष्ट्रपति पद की कोशिश थी, जिसमें उन्हें सफलता मिलती दिख रही है।
केइको फुजीमोरी का राजनीतिक जीवन कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा है। उन्होंने अपने पिता और पूर्व राष्ट्रपति Alberto Fujimori की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। चुनावी अभियानों के दौरान उन्हें सुरक्षा खतरों के कारण कई बार बंकरों में समय बिताना पड़ा, जबकि अवैध चुनावी फंडिंग के आरोपों से जुड़े मामले में वह 2018 से 2020 के बीच प्री-ट्रायल डिटेंशन में भी रहीं। बाद में उनके खिलाफ यह मामला समाप्त कर दिया गया।
जेल में रहने के दौरान भी उन्होंने अपनी पार्टी पॉपुलर फोर्स के संगठन और राजनीतिक गतिविधियों पर पकड़ बनाए रखी। चुनाव प्रचार में उन्होंने अपराध पर सख्ती, आर्थिक स्थिरता और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे पेरू में स्थायी सरकार देने का वादा किया।
हालांकि उनकी जीत को लेकर देश में मतभेद भी बने हुए हैं। समर्थक उन्हें मजबूत नेतृत्व का चेहरा मानते हैं, जबकि आलोचक उनके परिवार की राजनीतिक विरासत और पुराने विवादों का हवाला देते हैं। आधिकारिक चुनाव परिणाम की औपचारिक घोषणा अभी शेष है, लेकिन मौजूदा मतगणना के आधार पर उनकी बढ़त निर्णायक मानी जा रही है।



