Turkey TAYFUN Block-2: तुर्की की हाइपरसोनिक मिसाइल कितनी खतरनाक? भारत के 3 करीबी देशों के लिए बढ़ी चिंता

तुर्की की स्वदेशी TAYFUN Block-2 मिसाइल ने अपनी क्षमताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय रक्षा जगत का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि इसे कई रिपोर्टों में “हाइपरसोनिक” बताया जा रहा है, लेकिन उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर इसे आधिकारिक रूप से हाइपरसोनिक मिसाइल के रूप में प्रमाणित नहीं किया गया है। इसकी अनुमानित मारक क्षमता लगभग 800 किलोमीटर तक बताई जाती है और इसे लंबी दूरी तक उच्च गति से सटीक प्रहार करने के लिए विकसित किया गया है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि TAYFUN Block-2 तुर्की की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को मजबूत करती है और क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पर असर डाल सकती है। इसकी बढ़ी हुई रेंज और बेहतर सटीकता के कारण तुर्की के पड़ोसी देशों की सुरक्षा चिंताएं बढ़ सकती हैं। विश्लेषकों के अनुसार, विशेष रूप से ग्रीस, साइप्रस और आर्मेनिया जैसे देशों पर इसका सामरिक प्रभाव अधिक माना जा रहा है। भारत इन तीनों देशों के साथ विभिन्न स्तरों पर कूटनीतिक और रणनीतिक संबंध रखता है, इसलिए इस क्षेत्र में होने वाले सैन्य विकास पर नई दिल्ली भी नजर बनाए रखती है।
हालांकि किसी भी नई सैन्य तकनीक का वास्तविक प्रभाव केवल उसकी तकनीकी क्षमता से नहीं, बल्कि संबंधित देशों की रक्षा तैयारियों, कूटनीतिक संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर भी निर्भर करता है। फिलहाल तुर्की की इस मिसाइल को लेकर कई तकनीकी दावे और विश्लेषण सामने आ रहे हैं, लेकिन इसकी पूरी परिचालन क्षमता और वास्तविक प्रदर्शन समय के साथ ही स्पष्ट होगा।



