लखनऊ में बोले सीएम योगी: समय के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा, तभी मिलेगी पहचान

लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “यदि हम समय के अनुरूप नहीं चलेंगे, तो हमें कोई नहीं पहचानेगा। हमें खुद को समय की मांग के अनुसार तैयार करना होगा।” सीएम योगी का यह संदेश युवाओं, उद्यमियों और समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक रहा।
उन्होंने कहा कि आज की दुनिया तेजी से बदल रही है। टेक्नोलॉजी, शिक्षा, रोजगार और जीवनशैली में रोजाना नए बदलाव देखने को मिलते हैं। यदि हम इन बदलावों के साथ खुद को नहीं जोड़ पाए तो हम पीछे छूट जाएंगे। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भर बनने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए हमें आधुनिकता को अपनाना ही होगा।
योगी आदित्यनाथ ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार विज्ञान और तकनीक ने पूरी दुनिया का नक्शा बदल दिया है, उसी तरह हमें भी अपने कामकाज, शिक्षा और जीवन शैली में नवाचार और प्रगति को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में कई कदम उठाए हैं ताकि हर नागरिक को समय के अनुरूप अवसर मिल सके।
लखनऊ में दिए गए इस भाषण के दौरान सीएम योगी ने युवाओं से विशेष अपील की कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई तकनीक का इस्तेमाल केवल मनोरंजन के लिए न करें, बल्कि अपने कौशल को बढ़ाने और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए करें। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि सही दिशा में प्रयास करे तो वह न सिर्फ अपनी पहचान बना सकता है, बल्कि समाज और राष्ट्र की भी दिशा बदल सकता है।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि “समय का महत्व वही समझ सकता है, जो कठिन परिस्थितियों से निकलकर आगे बढ़ा हो। अगर हम अवसरों को पहचानकर सही तरीके से उनका उपयोग करें, तो हम निश्चित रूप से सफलता की ऊँचाइयों को छू सकते हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति ही राज्य के विकास का आधार है। सरकार ने स्टार्टअप नीति, उद्यमिता प्रोत्साहन और कौशल विकास योजनाओं के जरिए युवाओं को मजबूत बनाने का काम किया है। लेकिन इन योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब युवा समय की रफ्तार के साथ चलेंगे और खुद को तैयार करेंगे।
अंत में सीएम योगी ने कहा कि समाज का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, व्यापारी हो या छात्र—उसे यह समझना होगा कि समय किसी के लिए रुकता नहीं है। यदि हम अपने आप को बदलते समय के अनुसार ढाल लेंगे तो न सिर्फ हमारी पहचान बनेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार होगा।



