विश्वकर्मा पूजा 2025: 17 या 18 सितंबर कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

विश्वकर्मा पूजा हर वर्ष बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का प्रथम शिल्पकार और दिव्य वास्तुकार माना जाता है। मान्यता है कि उन्होंने ही स्वर्ग लोक, द्वारिका नगरी, इंद्रप्रस्थ और भगवान शिव का त्रिशूल जैसे अनेक दिव्य निर्माण कार्य किए थे। यही कारण है कि विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व है, खासकर उन लोगों के लिए जो निर्माण कार्य, मशीनरी, शिल्पकला, औद्योगिक कार्य और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े होते हैं।
साल 2025 में विश्वकर्मा पूजा की तिथि को लेकर लोगों में उत्सुकता है कि यह 17 सितंबर को होगी या 18 सितंबर को। पंचांग के अनुसार विश्वकर्मा पूजा 18 सितंबर 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन भाद्रपद मास की कन्या संक्रांति पड़ रही है, जो विश्वकर्मा जयंती के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह से लेकर दोपहर तक रहेगा और इस दौरान भगवान विश्वकर्मा की आराधना कर उपकरणों, मशीनों व कार्यस्थलों की पूजा की जाती है।
विश्वकर्मा पूजा का धार्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टिकोण से विशेष महत्व है। इस दिन कारखानों, फैक्ट्रियों, दुकानों और कार्यस्थलों को साफ-सुथरा करके सजाया जाता है। लोग अपने औजारों और मशीनों को पूजा में अर्पित करते हैं ताकि उनका कार्य सफल और निर्विघ्न रूप से चलता रहे। माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से व्यापार में प्रगति होती है, काम में बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस प्रकार, 18 सितंबर 2025 को विश्वकर्मा पूजा आस्था, श्रद्धा और परिश्रम का अद्भुत संगम लेकर आएगी।



