पोंगल उत्सव में शामिल हुए पीएम मोदी, सांस्कृतिक एकता का दिया संदेश, कहा- पूरी दुनिया में मनाया जा रहा पर्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक केंद्रीय मंत्री के आवास पर पोंगल का पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक अंदाज में मनाया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों को पोंगल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार अब केवल तमिलनाडु या भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक वैश्विक पर्व के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि पोंगल भारतीय संस्कृति की उस परंपरा का प्रतीक है, जिसमें प्रकृति, परिश्रम और कृतज्ञता को विशेष महत्व दिया जाता है। उन्होंने किसानों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि यह पर्व हमें अन्नदाता के सम्मान और प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश देता है। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक व्यंजन, लोक-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और पोंगल जैसे त्योहार राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई देशों में बसे भारतीय समुदाय पोंगल को उत्साहपूर्वक मना रहे हैं, जिससे भारतीय संस्कृति और परंपराओं की वैश्विक पहचान और सशक्त हो रही है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना को आगे बढ़ाती है, जिसमें पूरा विश्व एक परिवार के रूप में देखा जाता है। केंद्रीय मंत्री के आवास पर आयोजित इस समारोह में कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने भारतीय परंपराओं की सराहना की। प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और भारतीय त्योहारों के महत्व को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं। कुल मिलाकर, यह आयोजन न सिर्फ एक धार्मिक या सांस्कृतिक उत्सव था, बल्कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति और वैश्विक प्रभाव का भी प्रतीक बना, जिसने यह साबित किया कि पोंगल आज एक लोकल पर्व से आगे बढ़कर एक ग्लोबल त्योहार बन चुका है।



