
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए लोकतंत्र की मजबूती और युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र जितना सशक्त है, उसकी सबसे बड़ी वजह जागरूक मतदाता हैं, खासकर वे युवा जो पहली बार वोट देने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई युवा पहली बार मतदाता बनता है, तो यह सिर्फ एक पहचान पत्र मिलने का क्षण नहीं होता, बल्कि देश के भविष्य को दिशा देने की जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर आती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे मतदान को केवल अधिकार न समझें, बल्कि इसे अपना कर्तव्य मानें। पीएम मोदी ने कहा कि हर एक वोट लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करता है और यही कारण है कि चुनावों में अधिक से अधिक भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का युवा केवल बदलाव का सपना देखने वाला नहीं, बल्कि बदलाव को साकार करने की ताकत भी रखता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा विश्व के लिए प्रेरणा रही है और इसमें युवाओं की सक्रिय भूमिका देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने पहली बार वोट देने वालों से अपील की कि वे अपने दोस्तों, परिवार और समाज को भी मतदान के लिए प्रेरित करें, ताकि हर नागरिक की आवाज लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की नीतियों, प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। प्रधानमंत्री ने अंत में विश्वास जताया कि युवा मतदाता अपने विवेक और जिम्मेदारी के साथ मतदान करेंगे और भारत के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाएंगे। उनका यह संदेश खास तौर पर उन युवाओं के लिए था जो पहली बार मतदान करने जा रहे हैं, ताकि वे गर्व के साथ इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का हिस्सा बनें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।



