
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देशवासियों को संबोधित करते हुए एक सशक्त और भावनात्मक संदेश दिया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि “दिल्ली को बार-बार लूटने वाले खुद मिट गए,” जो न केवल अतीत की गलत नीतियों पर तीखा प्रहार था, बल्कि भविष्य के लिए सख्त चेतावनी भी। मुख्यमंत्री ने संविधान की ताकत, लोकतंत्र की जड़ों और जनता की जागरूकता को रेखांकित करते हुए कहा कि अब देश और राजधानी दोनों ही जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि भारत की असली ताकत उसके नागरिक हैं, जो हर चुनौती के बीच लोकतंत्र को मजबूत बनाते आए हैं। अपने संबोधन में CM रेखा गुप्ता ने विकास, कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया और कहा कि भ्रष्टाचार, अराजकता और जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली ने बार-बार साबित किया है कि यहां की जनता सच्चाई और काम को पहचानती है, और जो ताकतें केवल लूट और भ्रम की राजनीति करती हैं, वे इतिहास में सिमट कर रह जाती हैं। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं से संविधान के मूल्यों—न्याय, समानता और स्वतंत्रता—को आत्मसात करने की अपील की और देश निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उनके भाषण में राष्ट्रवाद, सुशासन और सामाजिक समरसता का स्पष्ट संदेश झलकता रहा। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए संकल्प दोहराया और कहा कि मजबूत लोकतंत्र वही है, जहां सत्ता जनता के प्रति जवाबदेह हो। CM रेखा गुप्ता का यह संदेश न केवल राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे गणतंत्र दिवस 2026 का सबसे सशक्त बयान बता रहे हैं।



