
उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी हिमपात ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी से सड़कें बंद हो गई हैं, कई जगहों पर यातायात ठप पड़ गया है और सैकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। पर्यटकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। दूसरी ओर, पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ नजर आने लगा है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश में शीतलहर का सितम जारी है, जिससे तापमान तेजी से गिरा है। राजधानी दिल्ली में सुबह और रात के समय ठंड काफी बढ़ गई है, घना कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों की सेहत पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है। वहीं पंजाब और हरियाणा में मौसम का मिजाज कुछ अलग नजर आ रहा है। यहां बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश कुछ हद तक फायदेमंद हो सकती है, लेकिन लगातार बदलते मौसम से फसलों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। पहाड़ों पर और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि मैदानी इलाकों में ठंड, कोहरा और कहीं-कहीं बारिश देखने को मिल सकती है। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि मौसम की मार से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।



