
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बेटियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना आज देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया है, जिसका सीधा लाभ देश की बेटियों को मिला है। पीएम मोदी के अनुसार, जब बेटियां शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर होंगी, तभी राष्ट्र तेज़ी से प्रगति करेगा। इसी सोच के साथ सरकार ने नीतियों और योजनाओं का ऐसा ढांचा तैयार किया है, जो हर वर्ग तक समान अवसर पहुंचाने का काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। स्कूलों और कॉलेजों में नामांकन बढ़ा है, छात्रवृत्ति योजनाओं का दायरा विस्तृत हुआ है और डिजिटल शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाया गया है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं ने सामाजिक सोच को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। आज पहले की तुलना में अधिक बेटियां विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित जैसे क्षेत्रों में आगे आ रही हैं, जो देश के भविष्य के लिए शुभ संकेत है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार ने बेटियों और महिलाओं को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिला है और टीकाकरण अभियान के जरिए बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाया गया है। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है, जिससे बेटियों की पढ़ाई और जीवन पर आर्थिक बोझ कम हुआ है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें ज़मीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करना है। इसके लिए राज्यों के साथ समन्वय, तकनीक का उपयोग और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाभार्थियों तक सीधा लाभ पहुंचाने की व्यवस्था ने भ्रष्टाचार को कम किया है और भरोसा बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य में किए गए ये निवेश आने वाले वर्षों में देश को मजबूत बनाएंगे। बेटियों को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान देकर भारत एक समावेशी और आत्मनिर्भर राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब बेटियां आगे बढ़ेंगी, तभी परिवार, समाज और देश सशक्त होगा—और यही नए भारत की असली पहचान है।



