
बांग्लादेश की राजनीति में एक अहम बदलाव के तहत तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और 49 सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन किया। उनकी कैबिनेट में 1 हिंदू और 1 बौद्ध मंत्री को शामिल किया गया है, जिसे सामाजिक समावेशन और बहुलतावादी लोकतंत्र की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में देश-विदेश के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और नई सरकार से आर्थिक सुधार, प्रशासनिक पारदर्शिता तथा क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद तारिक रहमान ने कहा कि उनकी सरकार विकास, रोजगार सृजन और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बधाई देते हुए उन्हें भारत आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग, व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं, और नई सरकार से इन रिश्तों में और प्रगाढ़ता की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई कैबिनेट में विविध समुदायों का प्रतिनिधित्व क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संदेश देगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार अपने वादों को किस तरह धरातल पर उतारती है और दक्षिण एशिया में सहयोग की नई संभावनाओं को किस प्रकार आगे बढ़ाती है।



