
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व कप विजेता कप्तान Imran Khan को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया घटनाक्रम सामने आया है। पांच देशों के कुल 14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर उनके बेहतर इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग की है। इन पूर्व कप्तानों ने अपने पत्र में कहा है कि इमरान खान न केवल पाकिस्तान बल्कि विश्व क्रिकेट की एक बड़ी शख्सियत रहे हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाना चाहिए। खास बात यह है कि इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भारत के दो पूर्व कप्तान भी शामिल हैं, जबकि पाकिस्तान का कोई भी पूर्व कप्तान इसमें शामिल नहीं है। इस कदम को खेल जगत की ओर से मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इमरान खान ने Cricket World Cup 1992 में पाकिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी और उसके बाद वे राजनीति में सक्रिय होकर देश के प्रधानमंत्री भी बने। वर्तमान में वे विभिन्न कानूनी मामलों के चलते जेल में हैं और उनकी सेहत को लेकर समय-समय पर चिंताएं जताई जाती रही हैं। पत्र लिखने वाले पूर्व कप्तानों का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन एक खिलाड़ी और पूर्व प्रधानमंत्री के तौर पर उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।
भारत से जुड़े पूर्व कप्तानों के इस कदम को खेल भावना और मानवीय संवेदना का प्रतीक माना जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान के किसी भी पूर्व कप्तान का इस पत्र में शामिल न होना चर्चा का विषय बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक परिस्थितियों और ध्रुवीकरण की वजह से स्थानीय पूर्व खिलाड़ियों ने सार्वजनिक रूप से इस पहल में भाग लेने से परहेज किया हो सकता है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया है कि खेल की दुनिया सीमाओं से परे होती है। क्रिकेट के माध्यम से जुड़े खिलाड़ी आज भी एक-दूसरे के प्रति सम्मान और चिंता व्यक्त करते नजर आते हैं। अब सबकी नजर पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया पर है कि वह इस अंतरराष्ट्रीय अपील को किस तरह लेती है और इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।



