
भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग को लेकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। उन्होंने बताया कि देशभर में लाखों लोगों, छात्रों, तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थानों ने AI के सुरक्षित, पारदर्शी और मानव-केंद्रित उपयोग का सामूहिक संकल्प लिया, जिसके चलते यह विश्व रिकॉर्ड बना। यह पहल केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में जिम्मेदारी, नैतिकता और जवाबदेही के साथ AI को अपनाना है। मंत्री ने कहा कि भारत डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब वह AI गवर्नेंस और एथिक्स के मामले में भी वैश्विक नेतृत्व की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। इस अभियान के तहत लोगों को डेटा सुरक्षा, फेक कंटेंट की पहचान, एल्गोरिदम की पारदर्शिता और AI के दुरुपयोग से बचाव के बारे में जागरूक किया गया। स्कूलों, कॉलेजों और स्टार्टअप्स ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई, जिससे यह पहल जनांदोलन का रूप ले सकी। अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा कि भारत का लक्ष्य केवल AI तकनीक विकसित करना नहीं, बल्कि उसे मानव कल्याण, सुशासन और समावेशी विकास के लिए उपयोग करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में सरकार AI से जुड़े नियामक ढांचे को और मजबूत करेगी, ताकि नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहे। इस विश्व रिकॉर्ड ने यह संदेश दिया है कि भारत तकनीकी क्रांति में अग्रणी होने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी समान प्राथमिकता देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल वैश्विक स्तर पर AI के जिम्मेदार उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित होगी।



