ग्रेटर नोएडा में बनेगी ‘जापान’ और ‘सिंगापुर’ सिटी, 1000 एकड़ में विकसित होगा इंटरनेशनल टाउनशिप

ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी शुरू हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने शासन को एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव भेजा है, जिसके तहत करीब 1000 एकड़ भूमि पर ‘जापान सिटी’ और ‘सिंगापुर सिटी’ विकसित की जाएंगी। इस परियोजना का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं उपलब्ध कराना, विदेशी निवेश को आकर्षित करना और क्षेत्र को ग्लोबल बिजनेस हब के रूप में स्थापित करना है। प्रस्ताव के अनुसार इन दोनों सिटीज़ में अत्याधुनिक आवासीय परिसर, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क, स्टार्टअप हब, वर्ल्ड क्लास एजुकेशनल संस्थान, हेल्थकेयर सेंटर, हरित क्षेत्र और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह पहल विशेष रूप से ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों के लिए आर्थिक रूप से गेमचेंजर साबित हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, जापान और सिंगापुर की शहरी योजना, स्वच्छता मॉडल, ट्रैफिक मैनेजमेंट और हाई-टेक इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। ‘जापान सिटी’ में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और प्रिसिजन इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि ‘सिंगापुर सिटी’ को फाइनेंशियल सर्विस, लॉजिस्टिक्स, फिनटेक और स्मार्ट कमर्शियल हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत राज्य को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बीते कुछ वर्षों में प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक कॉरिडोर के विकास ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। अब यदि यह 1000 एकड़ का कायाकल्प परियोजना धरातल पर उतरती है, तो ग्रेटर नोएडा अंतरराष्ट्रीय निवेश और स्मार्ट अर्बन डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति देगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों को भी मजबूती प्रदान करेगी।



