अयोध्या में 3D टेक्नोलॉजी से होंगे रामलला के डिजिटल दर्शन, पूरक मंदिर भी होंगे शामिल

अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर और रामलला के दर्शन अब अत्याधुनिक 3D टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी संभव हो सकेंगे। मंदिर प्रशासन और संबंधित प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना को अमल में लाने के लिए एक विशेष एजेंसी को काम सौंपने की तैयारी की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य देश-विदेश में बैठे उन करोड़ों श्रद्धालुओं को एक नया आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है, जो किसी कारणवश अयोध्या नहीं आ पाते। 3D विजुअल तकनीक के जरिए रामलला की प्रतिमा, मंदिर की वास्तुकला और परिसर के पूरक मंदिरों को बेहद जीवंत और वास्तविक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे भक्तों को ऐसा अनुभव होगा मानो वे स्वयं मंदिर परिसर में उपस्थित हों।
यह तकनीक न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि अयोध्या को डिजिटल धार्मिक केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगी। पूरक मंदिरों, जैसे विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों और परिक्रमा मार्ग को भी 3D मैपिंग के जरिए जोड़ा जाएगा, ताकि संपूर्ण आध्यात्मिक यात्रा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सके। विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें हाई-रिजॉल्यूशन स्कैनिंग, वर्चुअल रियलिटी और इंटरएक्टिव फीचर्स का उपयोग किया जाएगा। इससे बुजुर्ग, दिव्यांग और दूर-दराज के श्रद्धालु घर बैठे दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह कदम आस्था और आधुनिक तकनीक का सुंदर संगम साबित होगा तथा आने वाले समय में अयोध्या विश्व स्तर पर डिजिटल धार्मिक अनुभव का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी।



