घरेलू बिजली से दुकान चलाने वालों को राहत की मांग

गांवों में घरेलू बिजली कनेक्शन के जरिए छोटे स्तर पर दुकान चलाने वाले लोगों के लिए राहत की मांग तेज हो गई है। उपभोक्ता परिषद का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के सीमित साधनों के चलते लोग अपने घर से ही छोटी दुकानें संचालित करते हैं। ऐसे में उन पर व्यावसायिक बिजली दरें लागू करना अनुचित है। परिषद ने सरकार से अपील की है कि इन उपभोक्ताओं को विशेष छूट या अलग श्रेणी में शामिल कर राहत दी जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जहां कई लोग किराना, सिलाई, मोबाइल रिपेयरिंग या अन्य छोटे व्यवसाय अपने घरों से ही चलाते हैं। मौजूदा नियमों के तहत घरेलू कनेक्शन पर व्यावसायिक गतिविधि करने पर जुर्माना या कनेक्शन काटने की कार्रवाई का डर बना रहता है। इससे छोटे दुकानदारों में असमंजस और चिंता का माहौल है।
उपभोक्ता परिषद का तर्क है कि गांवों की आर्थिक संरचना शहरों से अलग होती है, जहां घर और दुकान का स्पष्ट विभाजन संभव नहीं होता। ऐसे में सरकार को जमीनी हकीकत को समझते हुए नियमों में लचीलापन लाना चाहिए। परिषद ने सुझाव दिया है कि सीमित स्तर तक घरेलू कनेक्शन पर व्यापार की अनुमति दी जाए या कम दरों पर अलग श्रेणी बनाई जाए।
अगर सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाती है, तो इससे न सिर्फ लाखों ग्रामीण परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।



