धर्म-आस्था

सावन 2026: व्रत और तिथियां

सावन 2026 महादेव का प्रिय महीना इस वर्ष 17 जुलाई से 15 अगस्त तक रहेगा। इस माह में भगवान शिव की भक्ति और व्रत रखने का विशेष महत्व है। सावन के दौरान भक्त विशेष रूप से सोमवार व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, फल और फूल अर्पित करते हैं।

सावन के महीने में मंगला गौरी व्रत भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा परिवार की खुशहाली, समृद्धि और वैवाहिक सुख के लिए किया जाता है। इस व्रत में देवी पार्वती की पूजा और विशेष उपवास का महत्व है।

सावन के दौरान नियमित रूप से व्रत, भजन और शिव पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि आती है। विशेषज्ञों के अनुसार सावन के सोमवार और मंगला गौरी व्रत की तिथियों को ध्यान में रखकर पूजा करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

सावन का महीना हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। इस महीने में भगवान शिव की पूजा से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलता है, बल्कि घर में सुख-शांति और समृद्धि भी आती है। सावन के सोमवार को विशेष रूप से सावन सोमवार व्रत रखा जाता है, जिसमें भक्त जल, दूध और बेलपत्र से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।

मंगला गौरी व्रत सावन के विशेष दिन में रखा जाता है। इस व्रत में महिलाएँ देवी पार्वती की पूजा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, वैवाहिक कल्याण और संतानों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हैं। इसे करने से माना जाता है कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य बना रहता है।

सावन महीने में हर सोमवार और मंगला गौरी व्रत पर दान और सेवा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन देने से पुण्य बढ़ता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ज्योतिषाचारियों का कहना है कि सावन में किए गए पूजा, उपवास और दान का फल हमेशा स्थायी और असीम होता है।

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