
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि महाराष्ट्र में ऐसी संस्कृति को प्रवेश नहीं करने देना चाहिए और यह राज्य उत्तर प्रदेश या बिहार नहीं है। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासनिक कार्रवाई और कानून के दायरे में रहकर फैसले लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया का पालन बेहद जरूरी है और बिना उचित प्रक्रिया अपनाए संपत्तियों पर बुलडोजर चलाना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
हाई कोर्ट की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कुछ नेताओं ने इसे कानून व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा से जोड़कर देखा, जबकि अन्य ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया। सोशल मीडिया पर भी इस टिप्पणी को लेकर जमकर चर्चा हो रही है।



